मैया मोरी मैं नहीं माखन खायो री .... अनूप जलोटा जी के भजन lyrics

 मैया मोरी मैं नहीं माखन खायो री,

माखन नहीं खायो री ।

मैं माखन नहीं खायो मैया मोरी,

मैं नहीं माखन खायो री ॥


प्रातःसमय गऊवन के पीछे,

मधुबन मोय पठायो री ।

चार पहर बंशी वट भटक्यो,

सांझ पड़े घर आयो री ॥

मैया मोरी मैं नहीं…


मैं बालक अति छोटो कहियूं,

छीको किण विध पायो री ।

ग्वाल बाल मोरे संग रहत है,

मुख पर दही लिपटायो री ॥

मैया मोरी मैं नहीं…


तेरे मन में और बसत है,

जाने परायो जायो री ।

यह ले तेरी काली कमलिया,

झूठो दोष लगायो री ॥

मैया मोरी मैं नहीं…


कूद पड्यो जमुना रे माँहि,

नागनाथ कर आयो री ।

सूर कहे धन्य धन्य यशोदा,

कानो गोद खिलायो री ॥

मैया मोरी मैं नहीं माखन खायो री,

माखन नहीं खायो री ।

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